उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में आज शहीदी दिवस के अवसर पर देश के महान क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। शहीद भगत सिंह चौक पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों को याद किया।
शहीदों को नमन
इस मौके पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन और देश के लिए दिए गए बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनभागीदारी
यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ओर से आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।
वक्ताओं ने क्या कहा?
पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश हुकूमत ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी थी, जिसे आज पूरे देश में शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम की आयोजक ममता राव ने बताया कि पिछले 25–30 वर्षों से लगातार इस स्थान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी को इन महान नायकों के बलिदान से प्रेरणा मिल सके।
डॉ. सोनिया आनंद रावत ने कहा कि बच्चों में भी देशभक्ति और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस होना चाहिए।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि आज 88वां शहीदी दिवस है और भगत सिंह ने कम उम्र में ही देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
शहीदी दिवस का महत्व
हर साल 23 मार्च को शहीदी दिवस मनाया जाता है, जो देश के युवाओं को देशभक्ति, साहस और बलिदान की प्रेरणा देता है।
