उत्तराखंड की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल ‘पलायन’ को लेकर राज्य सरकार ने फिर से फोकस बढ़ा दिया है। सुबोध उनियाल ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार ही पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
पलायन के दो मुख्य कारण: शिक्षा और स्वास्थ्य
मीडिया से बातचीत में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में पलायन के पीछे दो प्रमुख वजहें हैं:
- बेहतर शिक्षा की कमी
- स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव
उन्होंने कहा कि जब तक इन बुनियादी सुविधाओं को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक पलायन को रोकना मुश्किल बना रहेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकार का विशेष जोर
मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को राज्य की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में अभी कई चुनौतियां मौजूद हैं।
उन्होंने कहा:
“इंसान तभी शिक्षा ग्रहण कर सकता है, जब वह स्वस्थ और जीवित रहेगा।”
इस बयान के जरिए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस
सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उनका मानना है कि यदि सिस्टम को जवाबदेह बनाया जाए, तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे अपने ही क्षेत्रों में रहकर बेहतर जीवन जी सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने की योजना
मंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले समय में:
- दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी
- लोगों को इलाज के लिए शहरों की ओर जाने की मजबूरी कम होगी
पलायन पर पड़ेगा सीधा असर
मंत्री उनियाल ने विश्वास जताया कि अगर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार किया गया, तो पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहा पलायन काफी हद तक कम किया जा सकता है।
