उत्तराखंड के ऋषिकेश में आवारा सांडों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना मंसा देवी रेलवे फाटक के पास सामने आई, जहां दो सांडों की लड़ाई के बीच एक ई-ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी गई। इस हादसे में ऑटो पलट गया और उसमें सवार तीन स्कूली छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर मौजूद सांड अचानक उग्र हो गए और आपस में लड़ते हुए एक ई-ऑटो से टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो सड़क पर पलट गया।
ऑटो में बैठी छात्राएं हादसे का शिकार हो गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत लाठी-डंडों की मदद से सांडों को भगाया। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बचाने के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
पुलिस और सीपीयू की तत्परता
सूचना मिलते ही पुलिस और सीपीयू (सिटी पेट्रोल यूनिट) की टीम मौके पर पहुंची।
- घायल छात्राओं को ऑटो से बाहर निकाला गया
- स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया
घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घायल छात्राओं की पहचान
श्यामपुर चौकी प्रभारी सुमित चौधरी के अनुसार, घायल छात्राओं की पहचान:
- सोना
- काजल
- नितिका
के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर सांड का सीधा हमला किसी छात्रा को लगता, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
प्रशासन से उठी मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- सड़कों पर घूम रहे आवारा सांडों को हटाया जाए
- शहर में पशु नियंत्रण के लिए ठोस व्यवस्था की जाए
