तराई क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई पर लगी रोक अब हटा दी गई है। इस फैसले के बाद किसानों में खुशी का माहौल है और कई इलाकों में बुवाई का काम शुरू भी हो चुका है।
आंधी और बारिश से पहले ही टूट चुके थे किसान
हाल ही में कुमाऊं मंडल के तराई क्षेत्र में तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। खेतों में तैयार खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। ऐसे में धान बुवाई पर लगी रोक ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी।
जिलाधिकारी के आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्त
दरअसल, उस समय उधम सिंह नगर के तत्कालीन जिलाधिकारी ने ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इस फैसले के खिलाफ किसानों ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय का रुख किया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद किसानों के तर्कों को सही माना और प्रशासन के आदेश को खारिज कर दिया। इसके साथ ही धान बुवाई पर लगी रोक को हटा दिया गया।
किसानों ने बताया अपनी जीत
जसपुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह किसानों की बड़ी जीत है। किसानों ने प्रशासन के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी जमीन पर फसल उगाने की पूरी आजादी है, जिसे अब अदालत ने भी मान्यता दे दी है।
अब शुरू हुई धान की बुवाई
फैसले के बाद किसान फिर से अपने खेतों में लौट आए हैं और ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई शुरू कर दी है। इससे उन्हें आने वाले समय में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
