उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि वे राज्यपाल से मिलकर प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाया। उनका कहना था कि सरकार के खिलाफ कई ऐसे मामले हैं, जिनकी शिकायत करना जरूरी था।
उन्होंने राजपुर रोड पर SSP, SP और IG स्तर के अधिकारियों के एक बार में मौजूद होने के कथित मामले को बेहद गंभीर बताया। गोदियाल ने कहा कि ऐसे कई प्रकरण प्रदेश में सामने आ रहे हैं, जो प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडे से जुड़े एक कथित पत्र का भी जिक्र किया। गोदियाल के अनुसार, उन्हें यह पत्र प्राप्त हुआ है, जो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पत्र की सत्यता स्पष्ट करनी चाहिए और इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि पत्र में बीते चार वर्षों में पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर बड़े अधिकारियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों पर जमीन कब्जाने के मुकदमे दर्ज करवाए गए और स्थानीय व्यापारियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोंटी चड्ढा से कथित संबंधों का मामला सामने आया है, जबकि उनसे जुड़ा एक हत्या का केस अभी लंबित है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि इन सभी मामलों की सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।
