रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही ट्रैफिक समस्या फिर से बढ़ने लगी है। कोल्हूखेत स्थित ईको टैक्स बैरियर पर रोजाना तीन से चार किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जहां एक ओर सरकार द्वारा वैली ब्रिज बनाकर यातायात को सुगम बनाने की कोशिश की गई, वहीं दूसरी ओर ईको टैक्स बैरियर पर धीमी प्रक्रिया के कारण हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि दिल्ली से देहरादून का सफर जहां करीब ढाई घंटे में पूरा हो जाता है, वहीं देहरादून से मसूरी पहुंचने में चार से पांच घंटे तक का समय लग रहा है।
पर्यटकों का कहना है कि परिवार के साथ छुट्टियां बिताने आए लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं, जिससे उनका अनुभव खराब हो रहा है। वहीं स्थानीय लोगों की मांग है कि ईको टैक्स बैरियर पर फास्टैग सिस्टम लागू किया जाए, ताकि वाहनों की आवाजाही तेज हो सके और जाम से राहत मिले।
स्थानीय निवासी और आरटीआई कार्यकर्ता निधि बहुगुणा ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीक काफी उन्नत हो चुकी है और फास्टैग आम जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को जल्द से जल्द इस प्रणाली को लागू करना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से ईको टैक्स से होने वाली आय और उसके उपयोग की जानकारी मांगी थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वहीं स्थानीय निवासी प्रदीप भंडारी ने कहा कि नगर पालिका द्वारा बार-बार फास्टैग लागू करने की बात कही जाती है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को टैक्स में छूट दी गई है, उन्हें भी जाम में घंटों फंसे रहना पड़ता है, जो व्यवस्था की कमी को दर्शाता है।
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में स्थानीय लोगों और टिहरी-उत्तरकाशी जाने वाले वाहनों को टैक्स में छूट देने की बात कही गई थी, लेकिन अब ठेकेदार की मनमानी के चलते स्थिति बिगड़ रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर पालिका द्वारा जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापारी वर्ग को धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मांग है कि ईको टैक्स बैरियर पर फास्टैग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू किया जाए और मार्ग को चौड़ा कर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि पर्यटन सीजन में मसूरी आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
