मसूरी के सर्वे मैदान में आयोजित तृतीय स्वर्गीय रामनाथ सिंह पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ उत्तराखंड कांग्रेस पीसीसी सदस्य उपेंद्र थापली ने किया। प्रतियोगिता में 17 वर्ष से कम आयु वर्ग के लगभग 350 से 400 बालक और बालिकाएं हिस्सा ले रहे हैं। मसूरी के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने पहुंचे हैं।
इस प्रतियोगिता की विशेषता यह है कि इसमें लड़कों के साथ-साथ बालिका वर्ग की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह और जोश देखने लायक रहा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे आयोजन बच्चों में खेल भावना विकसित करने के साथ उन्हें बेहतर भविष्य की ओर भी प्रेरित करते हैं।
प्रतियोगिता के आयोजक प्रिंस पवार ने बताया कि उनकी फुटबॉल अकादमी वर्षों से मसूरी के बच्चों को प्रशिक्षण दे रही है। अकादमी से तैयार हुए कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और मैदान उपलब्ध हों तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
मसूरी में खेल मैदान की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। फिलहाल भारतीय सर्वेक्षण विभाग का मैदान ही खिलाड़ियों के अभ्यास का प्रमुख केंद्र है। इसके बावजूद युवा खिलाड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे सीमित संसाधनों में भी लगातार मेहनत कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि उपेंद्र थापली ने कहा कि खेल बच्चों को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है और ऐसे आयोजनों को समाज का पूरा सहयोग मिलना चाहिए।
