रुड़की: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध अब उत्तराखंड तक पहुंच गया है। शुक्रवार को रुड़की में जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) ने मशाल जुलूस निकालकर छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाई और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बीएसएम चौक से चंद्रशेखर चौक तक निकले इस जुलूस में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। मशाल और बैनर लेकर चल रहे प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ बल प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी प्रकार की कथित बदसलूकी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
