रिपोर्टर – सचिन कुमार
मसूरी, देहरादून से एक बयान इन दिनों राजनीतिक और मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गणेश जोशी, जो मसूरी विधानसभा से विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, उनके एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
मंत्री ने कहा— “टटपुँजिए चैनल मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते… रोज खुलने वाले चैनल मेरा क्या जी कर लेंगे…”
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि वे “पांचवीं बार भी विधायक बनेंगे।”
मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन मंत्री के इस बयान को उसी स्तंभ पर सीधा हमला माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के बयान सत्ता के अहंकार को दर्शाते हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करते हैं।
मंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लोग सवाल उठा रहे हैं—
विश्लेषकों का मानना है कि राजनीति में आत्मविश्वास जरूरी है, लेकिन जब यह अति-आत्मविश्वास में बदल जाता है, तो जनता इसे अहंकार के रूप में देखने लगती है।
और लोकतंत्र में जनता सब देखती भी है और समय आने पर जवाब भी देती है।
