रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी के Landour Bazaar में भू-धंसाव के खतरे के बीच प्रशासन द्वारा एक दुकान को खाली करने का नोटिस जारी करने पर स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब कई भवन असुरक्षित हैं, तो कार्रवाई केवल एक दुकान पर क्यों की जा रही है।
नगर पालिका परिषद मसूरी, आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासन द्वारा किए गए सर्वेक्षण में क्षेत्र के लगभग 6 भवन गिरासू (खतरनाक) पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक दुकान स्वामी को तीन दिन के भीतर दुकान और मकान खाली करने का नोटिस जारी किया।
हालांकि, इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि जब कई भवन खतरे की श्रेणी में हैं, तो सिर्फ एक दुकान को निशाना बनाना उचित नहीं है।
दुकान संचालक सरोजनी राणा ने बताया कि उन्हें बिना पूर्व सूचना के नोटिस दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने न तो पुनर्वास की कोई व्यवस्था की है और न ही उनके रोजगार के लिए कोई विकल्प दिया है।
पूर्व विधायक Jot Singh Gumsula ने नगर पालिका परिषद मसूरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मसूरी में करीब 58 भवन गिरासू हैं, लेकिन कार्रवाई केवल एक महिला की दुकान पर की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का दुरुपयोग कर एक कमजोर वर्ग की महिला को परेशान किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी और अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय निवासी कुशाल सिंह राणा ने बताया कि उनका परिवार पिछले 80 वर्षों से यहां दुकान चला रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन को नोटिस देने से पहले
