संवाददाता: सागर रस्तोगी
एंकर:
देवभूमि उत्तराखंड के मुनिकीरेती-कौड़ियाला इको टूरिज्म जोन में साहसिक पर्यटन के नाम पर पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। यहां पांच राफ्टिंग कंपनियां नियमों की अनदेखी करते हुए आधी रात को ओवरलोडिंग के साथ गंगा नदी में राफ्टिंग करवा रही थीं।
पर्यटन विभाग की सख्त कार्रवाई में इन कंपनियों की पोल खुल गई। जांच के दौरान दो कंपनियों की राफ्टें रात के समय गंगा में संचालित होती पाई गईं, जबकि तीन अन्य कंपनियों पर ओवरलोडिंग और टोकन पर्ची के नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।
साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि स्वर्गाश्रम क्षेत्र की एक कंपनी का गाइड प्रतिबंधित वन क्षेत्र ‘यूसुफ बीच’ में पर्यटकों को ले गया, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसके बावजूद गाइड ने पर्यटकों की जान जोखिम में डाली।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कंपनियां विभाग द्वारा तय प्रति पर्यटक शुल्क भी जमा नहीं कर रही थीं। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियां मुख्य रूप से शिवपुरी, फूल चट्टी और तपोवन क्षेत्रों की बताई जा रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद को भेज दी गई है, जबकि एक गाइड का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की गई है।
साहसिक पर्यटन अधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की सख्त चेकिंग जारी रहेगी।
