रिपोर्ट: अरशद हुसैन
उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 14 साल की एक नाबालिग बच्ची का जबरन बाल विवाह करा दिया गया। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब बच्ची गर्भवती अवस्था में अस्पताल पहुंची।
मामला मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। जानकारी के मुताबिक, बच्ची को तबीयत खराब होने पर परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टरों को बच्ची की उम्र पर शक हुआ।
जब आधार कार्ड की जांच की गई, तो सामने आया कि बच्ची महज 14 साल की है।
नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही आरोपी पति और ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल से फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2025 में बच्ची का जबरन बाल विवाह कराया गया था। विवाह के बाद वह गर्भवती हो गई, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।
यह घटना बाल अधिकारों और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
यह घटना समाज में अब भी मौजूद कुरीतियों और जागरूकता की कमी को उजागर करती है। नाबालिगों के साथ इस तरह की घटनाएं न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि उनके भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी हैं।
