रुड़की: हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक ऐसी बिल्डिंग तैयार हो गई, जिसे विभाग द्वारा तीन बार सील किया गया था।
भगवानपुर में बन रहा ‘सम्राट कॉम्प्लेक्स’ अब विवादों के घेरे में है। आरोप है कि इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया गया। हैरानी की बात यह है कि हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने इस बिल्डिंग को एक-दो नहीं बल्कि तीन बार सील किया था, इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार चलता रहा।
मामला तब तूल पकड़ गया जब एक रिटायर्ड फौजी ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सील लगने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और आज पूरी बिल्डिंग खड़ी हो चुकी है।
उन्होंने मीडिया के सामने दो तस्वीरें भी पेश कीं—
ये तस्वीरें प्रशासनिक कार्रवाई की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रही हैं।
रिटायर्ड फौजी ने बताया कि उन्होंने HRDA अधिकारियों से लेकर शासन तक कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा,
“मैं देश के लिए लड़ चुका हूं, लेकिन अब अपने ही सिस्टम के भ्रष्टाचार से लड़ना पड़ रहा है। सरकार इस मामले की जांच कराए और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाए।”
इस मामले ने HRDA के फील्ड अधिकारियों, खासकर जूनियर इंजीनियर (JE) और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच यह मामला सरकार की साख पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस अवैध निर्माण पर कोई सख्त कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
