रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार सुबह उनके निधन के बाद देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देहरादून स्थित उनके बसंत विहार आवास पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने खंडूड़ी को एक अनुशासित सैनिक, कुशल प्रशासक और सत्यनिष्ठ राजनेता बताते हुए कहा कि देश के विकास में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
मेजर जनरल (सेनि.) भुवन चंद्र खंडूड़ी पिछले 49 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें 1 अप्रैल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी आंतों में रक्तस्राव की समस्या सामने आई थी। लगातार चिकित्सकीय निगरानी के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो पाया।
मंगलवार सुबह करीब 11:10 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी खंडूड़ी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास और सुशासन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी और कहा कि खंडूड़ी जी का जीवन अनुशासन, सादगी और राष्ट्रसेवा का प्रतीक था।
खंडूड़ी के निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में उत्तराखंड के विकास और जनसेवा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सादगी और ईमानदारी की छवि हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
