रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय नजर आया। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्षों से लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए पात्र आंदोलनकारियों को जल्द चिह्नित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में वर्ष 2021 तक प्राप्त 198 आवेदनों का क्रमवार परीक्षण किया गया। समिति ने प्रत्येक आवेदन के साथ प्रस्तुत अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की विस्तार से जांच की, ताकि किसी भी स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने अलग उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया है। इसलिए उनका सम्मान बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हो।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन आवेदनों में दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें समय रहते पूरा कराने की प्रक्रिया अपनाई जाए। साथ ही समिति के सदस्यों से अपील की कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल तकनीकी कारणों से वंचित न रह जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शौरभ असवाल और समिति के सदस्य डॉ. केदार पलड़िया, जगमोहन चिलवाल एवं डॉ. सुरेश डालाकोटी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
