उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में महिला अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
“महिला सुरक्षा पर सरकार विफल”
प्रेस वार्ता के दौरान ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इन मामलों में न तो ठोस कार्रवाई कर रही है और न ही जवाबदेही तय हो रही है।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हो रही।
उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों पर चिंता
रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड, जो अपनी शांति, पर्यटन और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, आज महिला अपराधों के कारण चिंता का विषय बन गया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में महिला अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है:
- 2021: 3431 मामले
- 2022: 4337 मामले
- 2023: 3808 मामले
- 2024: 4000+ मामले
- 2025: 4200+ मामले
चर्चित मामलों का जिक्र
प्रेस वार्ता में उन्होंने कई चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जिनमें अंकिता भंडारी हत्याकांड भी शामिल है।
उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता को भी झकझोर दिया है।
केंद्र सरकार और नेताओं पर भी निशाना
ज्योति रौतेला ने केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि कई मामलों में गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
साथ ही उन्होंने Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार पर भी सवाल उठाए और पारदर्शिता की मांग की।
“देहरादून में बढ़ रहा अपराध”
उन्होंने कहा कि राजधानी देहरादून में हाल के समय में अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
पिछले एक महीने में कई गंभीर अपराध और हत्या की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सरकार से कार्रवाई की मांग
प्रेस वार्ता के अंत में ज्योति रौतेला ने सरकार से महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, जिलाध्यक्ष पूनम कंडारी, महासचिव सुशीला शर्मा और सावित्री थापा समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
