रिपोर्टर: आसिफ इक़बाल |
रामनगर में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का धरना लगातार जारी है। बुधवार को धरने के 17वें दिन रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट लोक निर्माण विभाग (PWD) के विश्रामगृह के बाहर चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए 27 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
महासंघ ने सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप
महासंघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वे विकास कार्यों को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन शासन में बैठे कुछ अधिकारी उनकी मांगों को लेकर उदासीन रवैया अपना रहे हैं। उनका कहना है कि फाइलों को दबाया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
‘पुरानी सुविधाएं बहाल की जाएं’
महासंघ ने सरकार से मांग की कि पहले जो सुविधाएं उन्हें दी जाती थीं, उन्हें पुनः बहाल किया जाए और सेवा से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए।
विधायक ने दिया समर्थन
धरना स्थल पर पहुंचे विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने इंजीनियर्स की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि हड़ताल के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने माना कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
10 अप्रैल को होगी समीक्षा बैठक
विधायक ने बताया कि 10 अप्रैल को नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों के विधायकों की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में इंजीनियर्स की मांगों पर चर्चा कर मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
