तीर्थनगरी Rishikesh में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय परिसर में एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखा गया।
आग और भगदड़ का सिमुलेशन तैयार
मॉक ड्रिल के दौरान ट्रांजिट कैंप में आग लगने और उसके बाद भगदड़ मचने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। जैसे ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से सूचना मिली, प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।
एसडीएम Yogesh Mehra ने बताया कि इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के तहत प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशन सेक्शन को तुरंत सक्रिय किया गया, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू हो सके।
70-80 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया
ड्रिल के दौरान यह परिदृश्य बनाया गया कि परिसर के अंदर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित करीब 70 से 80 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मेहनत करते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अभ्यास के अंत में दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एंबुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तत्परता भी परखी जा सके।
कई विभागों की संयुक्त भागीदारी
इस मॉक ड्रिल में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी की। अभ्यास को दो चरणों में आयोजित किया गया, ताकि हर स्थिति में प्रतिक्रिया की क्षमता का मूल्यांकन किया जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती रहेंगी।
