उत्तराखंड की तीर्थ नगरी ऋषिकेश से एक बार फिर आस्था से जुड़ा विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो ने गंगा नदी की पवित्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है वायरल वीडियो में?
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ श्रद्धालु त्रिवेणी घाट पर चप्पल पहनकर गंगा की धारा में प्रवेश कर रहे हैं।
- कुछ लोग हाथ में पूजा सामग्री लेकर भी चप्पलों के साथ जल में उतरते नजर आए
- यह दृश्य धार्मिक मान्यताओं के विपरीत माना जा रहा है
स्पर्श गंगा टीम ने उठाई आवाज
यह वीडियो स्पर्श गंगा अभियान से जुड़े जिला कोऑर्डिनेटर जॉनी लांबा द्वारा शेयर की गई है।
उनका कहना है कि:
- वीडियो वायरल करने का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है
- आस्था के नाम पर गलत व्यवहार को रोका जाना चाहिए
- हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है कि वह गंगा की पवित्रता बनाए रखे
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मामले
जॉनी लांबा इससे पहले भी इस तरह के वीडियो साझा कर चुके हैं, जिनमें गंगा तट पर अनुचित गतिविधियों को उजागर किया गया था।
संगठनों ने भी जताई नाराजगी
राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि:
- तीर्थ नगरी में आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही
- कुछ संस्थाएं गंगा के नाम पर चंदा तो जुटाती हैं, लेकिन जिम्मेदारी निभाने में पीछे हैं
- सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है
धार्मिक और सामाजिक संदेश
यह घटना न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी सवाल उठाती है। गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।
