उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित त्रिवेणी घाट पर अवैध पार्किंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर निगम की पार्किंग का ठेकेदार निर्धारित क्षेत्र से बाहर गंगा घाट की सीढ़ियों पर वाहनों को खड़ा करवा रहा है और अवैध रूप से शुल्क वसूल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार द्वारा पार्किंग परिसर के बाहर, सीधे घाट की सीढ़ियों पर दोपहिया और अन्य वाहन खड़े कराए जा रहे हैं। इससे जहां ठेकेदार को भारी मुनाफा हो रहा है, वहीं:
- श्रद्धालुओं को भारी असुविधा हो रही है
- घाट पर अव्यवस्था फैल रही है
- वाहनों की सुरक्षा भी खतरे में है
गंगा के जलस्तर से बढ़ रहा खतरा
इन दिनों गंगा नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। ऐसे में घाट की सीढ़ियों के पास वाहन खड़ा करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। किसी भी समय जलस्तर बढ़ने पर वाहन बहने या क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
पर्यटकों को गुमराह करने का आरोप
बताया जा रहा है कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को अनजाने में “नो पार्किंग” क्षेत्र में वाहन खड़ा करने के लिए कहा जा रहा है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नगर निगम को राजस्व का नुकसान
इस अवैध गतिविधि से नगर निगम ऋषिकेश को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही निगम की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था।
उन्होंने आश्वासन दिया कि:
- मामले की जांच कराई जाएगी
- यदि ठेकेदार दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब संबंधित ठेकेदार पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी पार्किंग शुल्क और अनियमितताओं को लेकर उस पर जुर्माना लगाया जा चुका है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
