संवाददाता: नवीन चन्दोला
चमोली जिले के थराली विकासखंड के केरा गांव में बृहस्पतिवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। प्राकृतिक आपदा के चलते क्षेत्र में गेहूं, फल और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान मायूस हैं।
कई फसलें हुईं पूरी तरह नष्ट
ग्रामीणों के अनुसार, ओलावृष्टि के कारण गेहूं, आलू, सेब, कीवी, संतरा और धनिया जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
फलदार पौधों पर लगे फूल भी झड़ गए, जिससे आगामी उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसानों ने बयां किया दर्द
स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने बताया कि ओलावृष्टि से गेहूं और सब्जियों की फसल पूरी तरह खराब हो गई है।
वहीं काश्तकार लोकपाल सिंह का कहना है कि फसलों के साथ-साथ फलदार पेड़ों के फूल भी झड़ गए हैं, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई।
मुआवजे की मांग तेज
ग्रामीणों ने कृषि और उद्यान विभाग के साथ-साथ शासन-प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
भजन सिंह, मोहन सिंह, दीपिका देवी, जसोदा देवी, ममता देवी, सुनीता देवी, विमला देवी, सावित्री देवी, उमा देवी और कलावती देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर निरीक्षण कर कार्रवाई की मांग की है।
ओलावृष्टि से हुए नुकसान ने किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। अब किसानों की उम्मीदें प्रशासन पर टिकी हैं कि जल्द सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
