भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल मिश्रा ने शनिवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण और जनगणना से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
जिलाधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे।
उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में 362 मतदेय स्थल हैं और प्रत्येक मतदेय स्थल के लिए एक-एक बीएलओ की नियुक्ति की जा चुकी है। पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा निर्धारित समयावधि में उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी पात्र नागरिकों और मतदाताओं से अपील की कि बीएलओ के भ्रमण के दौरान सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि त्रुटिरहित एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके।
जनगणना के दूसरे चरण की भी तैयारी
प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक निर्णयों का आधार होती है। जनगणना का पहला चरण यानी हाउस लिस्टिंग कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जनपद में इस कार्य के लिए 599 प्रगणक और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। जनगणना का दूसरा चरण दो भागों में संपन्न होगा। दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में किया जाएगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में फरवरी 2027 में जनगणना का कार्य संपन्न कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने आमजन से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।
