रिपोर्ट: सचिन कुमार
लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर जारी असमंजस के बीच स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इस संबंध में सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) के चेयरमैन Chandra Prakash Goyal से मुलाकात कर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि Kotdwar, देहरादून और Haridwar के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोग रोजाना मिनी बस, टैक्सी और मैक्स वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में मार्ग पर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता से आम लोगों की आवाजाही और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि यह सड़क शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
CEC चेयरमैन Chandra Prakash Goyal ने भरोसा दिलाया कि समिति स्थानीय जनता की परेशानियों को गंभीरता से समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय की दिशा में कदम उठाएगी।
