पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। कोट ब्लॉक के बाडयू गांव में घास लेने गई एक महिला पर गुलदार ने दिनदहाड़े हमला कर दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार बाडयू गांव निवासी प्रभा देवी पत्नी मातबर सिंह रविवार को घर के लिए घास लेने जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुलदार महिला को घसीटकर पास के एक खंडहरनुमा मकान में ले गया, जहां उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ भी घटनास्थल पर जमा हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है और कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
वन विभाग की टीम ने पहले गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार आक्रामक बना रहा और आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरा बन गया। स्थिति को देखते हुए शूटरों को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः गुलदार को मार गिराया गया।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ललित नेगी, पूर्व सैनिक कोतवाल सिंह नेगी, विनोद दनोशी और तामेश्वर आर्य समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि पौड़ी के विभिन्न गांव लगातार मानव-वन्यजीव संघर्ष की चपेट में हैं। लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि ग्रामीण खेतों, जंगलों और यहां तक कि अपने घरों के आसपास भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग और सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो पहाड़ों से पलायन की समस्या और तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने मृतक महिला के परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।
