उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय में प्रदेशभर के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार शहरी निकायों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 500 नए कूड़ा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
मंत्री ने सभी निकायों को अपने राजस्व स्रोत बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय बढ़ाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने डंपिंग जोन विकसित करने, आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम बनाने, तथा सड़क, पेयजल, विद्युत और गैस पाइपलाइन जैसी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास योजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान विकास कार्यों की प्रगति, स्वच्छता अभियान, शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार और नागरिक सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
देहरादून नगर निगम के मेयर सौरभ थपलियाल ने भी बैठक में भाग लेते हुए नगर निगम द्वारा संचालित विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
सरकार का मानना है कि योजनाओं की नियमित समीक्षा और समन्वय से शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
