देहरादून: उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देहरादून पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप पर ऐसे प्रश्न साझा किए, जो बाद में वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते पाए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय को एक ई-मेल के माध्यम से शिकायत मिली। शिकायत में दावा किया गया था कि परीक्षा से पहले छात्रों के बीच कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न प्रसारित किए गए हैं। विश्वविद्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू की और संबंधित परीक्षा के प्रश्नपत्र से इन सवालों का मिलान कराया।
आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट में यह सामने आया कि आरोपी प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप और आंतरिक पोर्टल के माध्यम से समान प्रश्न साझा किए थे। विश्वविद्यालय का कहना है कि इससे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता प्रभावित हुई और कुछ छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर प्रेमनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति या संस्थान भी शामिल था या नहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
