Uttarakhand में चल रही Char Dham Yatra के दौरान इस बार सरकार ने बेजुबान जानवरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा बयान देते हुए कई अहम कदमों की जानकारी साझा की।
सीएम धामी ने बताया कि यात्रा शुरू होने से करीब दो महीने पहले ही उन सभी गांवों में विशेष हेल्थ और रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित किए गए, जहां से घोड़े-खच्चर यात्रा में शामिल होते हैं।
इस पहल का उद्देश्य पशुओं की सेहत की जांच और उन्हें सुरक्षित तरीके से यात्रा में शामिल करना था।
सरकार ने सख्त निर्देश जारी करते हुए बीमार, घायल और वृद्ध पशुओं को यात्रा में शामिल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
इसके साथ ही हर पशु के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है, ताकि यात्रियों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने संतोष जताते हुए कहा कि सरकार की सख्त नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के चलते 2022 की तुलना में पशुओं की मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
यह सुधार प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
Kedarnath और Yamunotri धाम में विशेष Mule Task Force तैनात की गई है।
यह टीम यह सुनिश्चित करती है कि पशुओं को पर्याप्त आराम, पानी और आवश्यक देखभाल मिलती रहे।
चारधाम यात्रा में इस बार न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बल्कि बेजुबान जानवरों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासों से यात्रा को अधिक सुरक्षित और संवेदनशील बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
