कोटद्वार: लंबे समय से प्रतीक्षित राहत आखिरकार कोटद्वार क्षेत्र के लोगों को मिल गई है। सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर वाहनों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टिकरण जारी किया है।
समिति ने कहा है कि अदालत के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर फैल रही गलतफहमियों को समाप्त किया जाता है। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणी के वाहनों के संचालन की अनुमति भी प्रदान की गई है।
अब इस मार्ग पर सरकारी और GMOU बसें, निजी सवारी वाहन, स्कूल बसें, किसानों के ट्रैक्टर तथा निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले वाहन आसानी से संचालित हो सकेंगे। इससे परिवहन व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय शिक्षा, कृषि, व्यापार और रोजगार से जुड़े हजारों लोगों के लिए लाभदायक साबित होगा। लंबे समय से इस मार्ग को लेकर बनी अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है।
फैसले के बाद क्षेत्र के लोगों ने सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि क्षेत्र के अन्य विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
