रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उद्योगपति गौतम अडानी के दर्शन के दौरान तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने विशेष सुविधा दिए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
श्रद्धालुओं ने उठाए सवाल
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं का कहना था कि धाम में आने वाले सभी लोगों के लिए एक समान व्यवस्था होनी चाहिए और किसी को विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए।
मंदिर समिति ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि धाम में किसी भी तरह की वीआईपी दर्शन व्यवस्था नहीं है और सभी श्रद्धालुओं के लिए समान नियम लागू हैं।
“सामान्य श्रद्धालु की तरह किए दर्शन”
हेमंत द्विवेदी के अनुसार, गौतम अडानी ने भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह ही करीब 5 मिनट में गर्भगृह में दर्शन किए।
उन्होंने यह भी बताया कि विवाद उस समय हुआ जब कुछ लोग निकासी द्वार से जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रोका।
“गलत तरीके से किया गया प्रचार”
समिति अध्यक्ष का कहना है कि इस घटना को वीआईपी दर्शन के विरोध के रूप में गलत तरीके से प्रचारित किया गया है, जबकि वास्तविकता कुछ और है।
केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन को लेकर उठा विवाद अब मंदिर समिति की सफाई के बाद भी चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन और समिति पर पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
