पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और शपथ ग्रहण समारोह के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जहां भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में मिली जीत पार्टी के बढ़ते जनाधार का संकेत है। उनका मानना है कि यह विजय केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
वहीं कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उत्तराखंड में जल्द ही सत्ता परिवर्तन की लहर देखने को मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
हीरा सिंह बिष्ट ने भाजपा की बंगाल जीत पर सवाल उठाते हुए ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कथित रूप से ईवीएम में हेरफेर के जरिए जीत हासिल की है और इसी रणनीति को अन्य राज्यों में भी अपनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बंगाल चुनाव के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होती जा रही है। जहां एक ओर भाजपा अपनी जीत को भविष्य के चुनावों का संकेत बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे सिरे से नकारते हुए सरकार के खिलाफ माहौल बनने की बात कर रही है।
बंगाल चुनाव के बाद उत्तराखंड में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है, जो आने वाले समय में और तीखा हो सकता है।
