संवाददाता: अरशद हुसैन
रुड़की में एक पुराने लोन विवाद को लेकर की गई पुलिस कार्रवाई अब विवादों के घेरे में आ गई है। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस एक वारंटी महिला की तलाश में त्यागी परिवार के घर पहुंची, जिसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार और अनावश्यक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार मधु नाम की एक महिला ने करीब चार वर्ष पहले एक फाइनेंस कंपनी से लगभग 50 हजार रुपये का लोन लिया था। आर्थिक तंगी के कारण वह समय पर किस्तें जमा नहीं कर पाई, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंच गया। अदालत द्वारा महिला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया था।
परिजनों का दावा है कि महिला ने चार दिन पहले ही लगभग 40 हजार रुपये की बकाया राशि जमा करा दी थी। इसके बावजूद शुक्रवार को सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस दो वाहनों में सवार होकर त्यागी परिवार के आवास पर पहुंच गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर पहुंचकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और परिवार पर महिला को पेश करने का दबाव बनाया। पंकज त्यागी ने बताया कि मधु उनके यहां घरेलू कार्य करती है और उसने बकाया राशि भी जमा कर दी थी। उनका कहना है कि यदि पुलिस को कार्रवाई करनी थी तो महिला के निवास पर जाती, लेकिन उनके घर पहुंचकर अभद्र व्यवहार करना अनुचित है।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं इस मामले में एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि महिला के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी था। पुलिस को महिला के बेटे से सूचना मिली थी कि वह त्यागी आवास पर मौजूद है। इसी आधार पर पुलिस टीम वहां पहुंची थी। उन्होंने कहा कि अभद्रता के लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और वारंट तामील करने के तरीके को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
