रिपोर्टर: पंकज सक्सेना
दो दिन चला धरना, फिर बनी आंशिक सहमति
हल्द्वानी के मोटा हल्दु क्षेत्र में स्थित मदरसन कंपनी के कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कंपनी के बाहर प्रदर्शन और हड़ताल पर बैठे हुए थे।
हालांकि, प्रशासन और श्रम विभाग के हस्तक्षेप के बाद 14 मांगों पर सहमति बन गई, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
वेतन बढ़ोतरी पर नहीं बनी बात
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सबसे अहम मांग ₹20,000 वेतन की थी, जिस पर अभी तक प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
कंपनी प्रबंधन ने इस मुद्दे पर दो महीने के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें शामिल हैं:
- 8 घंटे की जगह 9 घंटे तक काम कराना
- लगातार खड़े होकर काम करने की मजबूरी
- बैठने तक की अनुमति न होना
- शिकायत करने पर दबाव बनाना
- धरने के दौरान नौकरी से निकालने की धमकी
कर्मचारियों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है।
प्रशासन की मध्यस्थता से निकला समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम आयुक्त और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच वार्ता कराई, जिसके बाद अधिकांश मांगों पर सहमति बन पाई।
फिलहाल काम पर लौटे कर्मचारी
सहमति बनने के बाद कर्मचारी फिलहाल काम पर लौट गए हैं, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि यदि मुख्य मांग—वेतन वृद्धि—पर समय पर फैसला नहीं हुआ, तो भविष्य में फिर से आंदोलन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
धरना समाप्त होने से फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन वेतन को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी बरकरार है। अब सभी की नजर कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है।
