उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आई है। कीर्तिनगर ब्लॉक स्थित बढ़ियारगढ़ पट्टी में स्वीकृत राजकीय महाविद्यालय तेगढ़ लोस्तु बढ़ियारगढ़ को संचालन की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन बिना भवन के ही कॉलेज शुरू करने की तैयारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, इस महाविद्यालय की घोषणा वर्ष 2023 में की गई थी और वर्ष 2024 में स्टाफ के पदों को भी मंजूरी मिल चुकी है। अब शासन स्तर से कॉलेज संचालन को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी भवन तैयार नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर कॉलेज भवन का निर्माण प्रस्तावित था, वह अनुपयुक्त पाई गई, जिसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना भवन के कॉलेज संचालन कैसे होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा कैसे मिल पाएगी।
देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि स्थायी भवन बनने तक महाविद्यालय की कक्षाएं अस्थायी रूप से धद्दी घंडियाल इंटर कॉलेज में संचालित की जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग से अनुमति भी मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के लिए प्राचार्य, फैकल्टी और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 10 पद स्वीकृत किए गए हैं।
हालांकि, इस फैसले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय प्रवक्ता अरुण नेगी का कहना है कि बिना बुनियादी सुविधाओं के कॉलेज खोलना केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। उनका यह भी कहना है कि तीन साल बीतने के बाद भी कॉलेज भवन की नींव तक नहीं रखी गई है, जो चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि इंटर कॉलेज में महाविद्यालय की कक्षाएं चलने से वहां पहले से पढ़ रहे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से जल्द स्थायी भवन निर्माण शुरू करने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन चुनौतियों का समाधान कब तक निकालती है और महाविद्यालय को पूर्ण रूप से सुविधायुक्त स्वरूप कब मिल पाता है।
