रिपोर्ट: अमित तनेजा
उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले से नकली नोटों के बड़े कारोबार का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गदरपुर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ 54 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को ठगने की तैयारी में थे।
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि पंचपुरी गूलरभोज क्षेत्र में भारी मात्रा में संदिग्ध नोटों का कारोबार चल रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सैफ्टा फार्म रोड स्थित एक खोखे पर छापा मारा। मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर जब तलाशी ली गई तो पुलिस भी हैरान रह गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक नोटों की गड्डियों में ऊपर 500 रुपये के असली भारतीय रिजर्व बैंक के नोट लगाए गए थे, जबकि नीचे “चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया” लिखे नकली नोट रखे गए थे। इस तरीके से आरोपी लोगों को आसानी से झांसे में लेने की योजना बना रहे थे।
बरामद रकम में लगभग 10 हजार रुपये के असली नोट भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि नकली नोटों का यह जाल काफी संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
इस मामले में बाजपुर निवासी मुनतियाज और गदरपुर निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
क्षेत्राधिकारी बाजपुर अखलेश कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि नकली नोटों का यह नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आर्थिक अपराध और संगठित गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह नकली करेंसी बाजार में पहुंच जाती, तो कितने लोग इस ठगी का शिकार बन सकते थे।
