रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों के साथ अन्याय करती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रधानमंत्री का यह निर्णय इसी दिशा में एक प्रभावी पहल है।
सीएम धामी ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से मामलों की सुनवाई तेजी से होगी और दोषियों को समयबद्ध तरीके से सजा मिल सकेगी। इससे कानून का डर बढ़ेगा और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं का विश्वास बनाए रखना और उन्हें निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं का माहौल उपलब्ध कराना है। यह निर्णय देशभर के अभ्यर्थियों के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे युवाओं के सपनों को नई मजबूती मिलेगी।
