रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी के ऐतिहासिक लंढौर बाजार में हो रहे भू-धंसाव के मामले को लेकर लगातार उठाई गई खबरों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। नगर पालिका परिषद मसूरी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और संबंधित विभागों ने मामले का संज्ञान लेते हुए क्षेत्र में ट्रीटमेंट कार्य शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस पहल के लिए आभार जताया है और कहा कि मीडिया द्वारा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के चलते ही प्रशासन हरकत में आया। हालांकि, अब शुरू हुए कार्य की धीमी गति को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
स्थानीय व्यापारी आनंद रस्तोगी ने बताया कि जब उन्होंने इस समस्या को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष से मुलाकात की थी, तब जोशीमठ जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन संयुक्त सर्वेक्षण के बाद स्थिति अलग पाई गई और अब ट्रीटमेंट कार्य शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रेशर इंजेक्शन, चैंबर निर्माण, आरसीसी वॉल और नाली निर्माण का काम किया जा रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। हालांकि इस दौरान व्यापार प्रभावित हुआ है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए यह कार्य जरूरी है।
वहीं, एक अन्य व्यापारी मनोज अग्रवाल ने कार्य की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस गति से काम होना चाहिए था, उस स्तर पर कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और दो शिफ्ट में काम कराया जाए, ताकि जल्द से जल्द कार्य पूरा हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले समय में मानसून सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि समय रहते ट्रीटमेंट कार्य पूरा नहीं हुआ, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इसके अलावा जल संस्थान द्वारा पाइपलाइन बिछाने और सीवर लाइन दुरुस्त करने का कार्य भी बाकी है, जिसे जल्द पूरा करना आवश्यक है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभागों और ठेकेदार से मांग की है कि कार्य में तेजी लाई जाए और मानसून से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न उत्पन्न हो।
