हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हरिद्वार स्थित प्रेस क्लब में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देश की पत्रकारिता परंपरा और उसके बदलते स्वरूप पर गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि समेत पत्रकारिता जगत के कई वरिष्ठ विद्वान, संपादक और पत्रकार मौजूद रहे।
इस मौके पर हिंदी पत्रकारिता के लगभग 200 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि कैसे हिंदी पत्रकारिता ने समाज को दिशा देने, जनभावनाओं को स्वर देने और लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने आ रही चुनौतियों—जैसे फेक न्यूज, डिजिटल मीडिया का प्रभाव, निष्पक्षता बनाए रखने की चुनौती—पर भी गंभीर चर्चा की गई।
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि बदलते दौर में भी पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों के पत्रकारिता के छात्रों को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया, जिससे युवाओं में इस क्षेत्र के प्रति उत्साह बढ़े।
यह कार्यक्रम न केवल पत्रकारिता के इतिहास को याद करने का अवसर बना, बल्कि भविष्य में जिम्मेदार और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए एक मजबूत संदेश भी दिया गया।
