रिपोर्ट: भगवान सिंह
चारधाम यात्रा से लौट रहे यात्रियों को बीती रात श्रीनगर गढ़वाल में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। कुछ यात्रियों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन और यात्रा मार्ग के होटल कारोबारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुरक्षा कारणों से रोकी गई यात्रा
पुलिस के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में रात्रिकालीन यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इसी कारण सुरक्षा के मद्देनज़र देर रात यात्रा कर रहे यात्रियों को श्रीनगर क्षेत्र में अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
अधिकारियों ने यात्रियों को समझाया कि रात में पहाड़ी सड़कों पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि, रात करीब 12:30 बजे के बाद यात्रियों को आगे जाने दिया गया।
यात्रियों ने उठाए सवाल
इस दौरान कुछ यात्रियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। मध्यप्रदेश से आए एक यात्री ने आरोप लगाया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
यात्री के अनुसार, जोशीमठ क्षेत्र में पहले भी उन्हें पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद होटल में रुकना पड़ा, जहां एक रात के लिए उनसे लगभग 30 हजार रुपये वसूले गए।
महंगी दरों पर मिल रही सुविधाएं
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि यात्रा मार्ग पर भोजन, पानी और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम सामान्य से काफी अधिक वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर यात्रा रोकने के साथ-साथ प्रशासन को इन सेवाओं की दरों पर भी निगरानी रखनी चाहिए।
पुलिस ने दी सफाई
पुलिस का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक होने पर रात्रिकालीन आवागमन को नियंत्रित किया जाता है।
जांच की मांग और प्रशासन की चुप्पी
यदि यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा जांच कर कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, इस मामले में उपजिलाधिकारी श्रीनगर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
