संवाददाता: अरशद हुसैन
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा पहला मामला सामने आने के बाद सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बुग्गावाला थाने में दर्ज इस केस के बाद बीजेपी नेताओं और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों का पीड़िता के घर पहुंचना लगातार जारी है।
बुग्गावाला थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर ट्रिपल तलाक और हलाला के नाम पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। UCC लागू होने के बाद राज्य में यह हलाला से जुड़ा पहला मामला माना जा रहा है।
इसी कड़ी में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स पीड़िता शाहीन के घर पहुंचे। उनके साथ बीजेपी नेता सुबोध राकेश और अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
इस दौरान शादाब शम्स ने पीड़िता के साहस की सराहना करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर और फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
शादाब शम्स ने कहा कि धामी सरकार के UCC कानून के तहत अब ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला ने साहस दिखाकर केस दर्ज कराया है और वक्फ बोर्ड इस मुकदमे का पूरा खर्च उठाएगा तथा न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद करेगा।
शादाब शम्स ने कहा कि वर्षों से मुस्लिम महिलाओं को ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों का दर्द झेलना पड़ता था, लेकिन अब कानून उन्हें सुरक्षा और सम्मान दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है।
पीड़िता शाहीन ने कहा कि वह इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगी और जिन लोगों ने ट्रिपल तलाक के बाद हलाला के नाम पर गलत काम करने की कोशिश की, उन्हें सजा दिलाकर रहेंगी।
हलाला मामले में दर्ज इस पहले मुकदमे ने पूरे उत्तराखंड में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच और कानूनी कार्रवाई इस मामले में किस दिशा में आगे बढ़ती है।
